Yuvraj Singh Biography In Hindi

Yuvraj Singh biography in hindi

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Yuvraj Singh Biography In Hindi :- युवराज सिंह भारत के अंतराष्ट्रीय क्रिकेट खिलाड़ी है, युवराज आलराउंडर है जो बाँए हाथ के मध्य क्रम बल्लेबाज है और धीमी गति से भी गेंदबाजी कर सकते है. युवराज भूतपूर्व भारतीय तेज गेंदबाज और पंजाबी एक्टर (Actor) योगराज सिंह के बेटे है. युवराज भारतीय क्रिकेट टीम के सदस्य है जो अक्टूबर 2000 से एकदिवसीय क्रिकेट (ODI’s) खेल रहे है और उन्होंने अक्टूबर 2003 में अपना पहला अंतराष्ट्रीय टेस्ट मैच खेला था.( Yuvraj Singh biography in hindi ) 2007 से 2008 तक युवराज भारतीय क्रिकेट टीम के उप-कप्तान थे. युवराज 2011 के ICC क्रिकेट वर्ल्ड कप के मैन ऑफ़ दी टूर्नामेंट भी रह चुके है और ICC वर्ल्ड टी20 के टॉप परफ़ॉर्मर भी रह चुके है और उनकी बदौलत भारत ने इन दोनों कप (वर्ल्ड टी20 & क्रिकेट वर्ल्ड कप) को जीता है. युवराज ने 2007 में ICC वर्ल्ड टी20 में इंग्लैंड के खिलाफ स्टुअर्ट ब्रॉड को 6 गेंदों में 6 छक्के मारे थे हालाँकि यह पहले 3 बार हो चूका था पर कभी अंतराष्ट्रीय खेल में 2 टेस्ट क्रिकेट टीम के बिच नही हुआ था और साथ ही उसी मैच में उन्होंने सबसे तेज़ अर्ध शतक भी लगाया था. युवराज ने महज 12 गेंदों में अर्ध शतक बनाया था.( Yuvraj Singh biography in hindi )

2011 में युवराज को बाँए फेफड़े में कैंसर का ट्यूमर हो गया तो वे कीमोथेरेपी (Chemotherapy) के लिये बोस्टन (Boston) और इंडिआनापलिस (Indianapolis) गये थे. मार्च 2012 में युवराज की 3 कीमोथेरेपी की साइकिल ख़त्म हुई और उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिली और फिर अप्रैल में वे वापिस भारत आए. फिर सितंबर में टी20 मैच में न्यूज़ीलैंड के खिलाफ भारतीय अंतराष्ट्रीय क्रिकेट टीम में युवराज ने वापसी की जोकि ठीक टी20 वर्ल्ड कप 2012 के पहले था.

युवराज को 2012 में राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी द्वारा “अर्जुन” पुरस्कार से सम्मानित किया गया. 2014 में युवराज “पद्मश्री” पुरस्कार से भी सम्मानित किये गए जो की भारत का चौथा सबसे बड़ा अवार्ड है. 2014 में रॉयल चैलेंजर बंगलोर ने युवराज को IPL की नीलामी में सबसे महंगा खिलाडी 14 करोड़ में ख़रीदा. 2015 की IPL नीलामी में दिल्ली डेयरडेविल्स ने युवराज को 15 करोड़ में ख़रीदा. 2016 की IPL नीलामी में सनराइजर हैदराबाद ने युवराज को 7 करोड़ में ख़रीदा.

Early Life of Yuvraj Singh

युवराज का जन्म पंजाब में हुआ है. युवराज भूतपूर्व क्रिकेटर योगराज सिंह और शबनम सिंह के बेटे है. उनके माता-पिता के तलाक के बाद युवराज अपनी माता के साथ रहते थे. बचपन में टेनिस और रोलर स्केटिंग युवराज के पसंदीदा खेल थे और युवराज दोनों भी खेल अच्छा ही खेलते थे. युवराज ने अन्तराष्ट्रीय अंडर 14 रोलर स्केटिंग चैंपियनशिप भी जीती है. लेकिन उनके पिता ने उनके सारे मेंडल्स फेक दिए थे और कहा था की वे सिर्फ क्रिकेट पर ही ध्यान दे. युवराज के पिता उन्हें रोज अभ्यास के लिए ले जाते थे. उन्होंने अपनी पढाई DAV पब्लिक स्कूल, चंडीगढ़ से की. युवराज ने बाल कलाकार के रूप में छोटे रोल भी किये, मेहँदी सांगा दी और पुट सरदार में उन्होंने छोटे किरदार निभाये है. युवराज ने 12 नवंबर 2015 को हजेल कीच से सगाई की थी.

Playing style of Yuvraj Singh :-

युवराज बाँए हाथ के बल्लेबाज है और दाँए हाथ के गेंदबाज है, जिसकी वजह से वे अपने करियर में बहुत आगे बढे. स्पिन गेंदबाज की तुलना में वे तेज गेंदबाज को अच्छा खेलते है. 2005 का इंडियन ऑइल कप युवराज के करियर का टर्निंग पॉइंट था. युवराज भारतीय क्रिकेट टीम के अच्छे फील्डर है वे कवर और पॉइंट पे फील्डिंग करते है. युवराज एक आक्रामक तेज बल्लेबाज है जिनका टी20 में 150 से ज्यादा का स्ट्राइक रेट है और 90 के आस-पास का ODI’s में है. कई लोग तो उन्हें विस्फोटक बल्लेबाज भी कहते है. युवराज जब फॉर्म में होते है तो वे काफी आसानी से चौके और छक्के मारते है और उनकी बल्लेबाजी देखने में बहुत मजा आता है. 2005 के अंत में क्रिकइन्फो (Cricinfo) द्वारा प्रकाशित रिपोर्ट में बताया गया की 1999 से युवराज एक अच्छे और बेहतर फील्डर है जिन्होंने सबसे ज्यादा रन आउट किये है.( Yuvraj Singh biography in hindi )

दी वर्ल्ड कप हीरो के बारे में कुछ सत्य बताते है –

1. युवराज ने स्टुअर्ट ब्रॉड को 6 गेंद पर 6 छक्के मारे थे जोकि उनकी सबसे बड़ी सफलता में से एक है. इससे पहले यह सीनियर क्रिकेट में 3 बार हो चूका था. लेकिन पहली बार टी20 में और पहली बार ही अंतराष्ट्रीय क्रिकेट में हुआ था.

2. युवराज को बचपन से ही टेनिस और रोलर स्केटिंग खेलना पसंद है और युवराज इन खेलो में बहुत अच्छे भी थे और तो उन्होंने रोलर स्केटिंग की अंडर 14 वर्ल्ड चैंपियनशिप भी जीती है. पर उनके पिता ने उनका जीता हुआ मेडल को फेंक सिर्फ क्रिकेट पर ध्यान देने के लिए काहा था.( Yuvraj Singh )

3. युवराज के पिता का, युवराज की बल्लेबाजी सुधारने में बहुत बड़ा हाथ था. उनके पिता युवराज को गीली टेनिस गेंद से उन्हें नेट्स में बल्लेबाजी सिखाते थे ताकि युवराज गेंद को सही समय पर मार सके. उनके पिता उसने रोज अभ्यास कराते थे. जब युवराज छोटे थे तब वो ELF वेंगसरकर क्रिकेट अकादमी क्रिकेट सिखने जाते थे.

4. युवराज के फैन्स उन्हें युवी के नाम से पुकारते है. उनको प्रिंस ऑफ़ इंडियन क्रिकेट भी कहा जाता है क्योकि उनके नाम का मतलब प्रिंस होता है.( Yuvraj Singh )

5. युवराज ने अपनी सबसे लंबी पारी अंडर 19 की टीम में बिहार के विरुद्ध कोच बहार ट्राफी में खेलकर 358 रन बनाए थे. फिर युवराज ने 1999 से 2000 में हरियाणा के खिलाफ रणजी ट्राफी में 149 रन बनाए.

6. युवराज भूतपूर्व क्रिकेटर योगराज सिंह के बेटे है जिन्होंने भारत के लिये 1 टेस्ट मैच और 6 ODI’s भारत के लिए खेले है. युवराज का जन्म चंडीगढ़ में 12 दिसम्बर 1981 को हुआ है. उनके माता-पिता योगराज सिंह और शबनम सिंह का तलाक होने के बाद से युवराज अपनी माता के साथ रहते है. युवराज ने अपनी पढाई DAV पब्लिक स्कूल, चंडीगढ़ से की.

7. नेटवेस्ट का फाइनल युवराज के करियर का एतिहासिक समय रहा क्योकि किसी ने सोचा नही था की भारत इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स मैदान में 326 रनों के लक्ष्य का पीछा सफलता से कर पाएंगे. भारत की स्थिति नाजुक थी क्योकि 24 ओवरों में ही 146 पर 5 विकेट गिर चुके थे, फिर क्रीज़ पर मो. कैफ, युवराज का साथ देने आए और दोनों ने मिल कर 121 रन बनाए. इस मैच में युवराज में क्रीज पर डटे रहते हुए 60 गेंदों में 69 रन की शानदार पारी खेली थी और उन्ही की बदौलत भारत वह मैच 2 विकेट से जीता था.( Yuvraj Singh )

8. सचिन के बाद युवराज दुसरे भारतीय थे जिन्होंने काउंटी टीम यॉर्कशायर में भारत का प्रतिनिधित्व किया था. युवराज का सीजन अच्छीं पारियों से शुरू हुआ था उस टी20 में युवराज ने 37 गेंदों में 71 रन, लीस्टरशायर (Leicestershire) के खिलाफ बनाए थे. उसमे ही कैफ और सहवाग भारतीय थे जिन्होंने टी20 खेला था.

9. इस वर्ल्ड कप में क्वालीफाई करने के लिये भारत को अपनी जगह बनानी थी. युवराज ने पहली मैच में बांग्लादेश के खिलाफ 47 रन बनाये लेकिन भारत वह मैच हार गया था. अगले मैच में बरमूडा के खिलाफ युवराज ने 46 गेंद में 83 रन बनाये जिससे भारत ने 413 पर 5 विकेट का विशाल स्कोर खड़ा किया था.

10. इंग्लैंड के खिलाफ इस वर्ल्डकप में उन्होंने 20 ओवरों के मैच में महज 12 गेंदों में अर्द्धशतक बना डाला था, जो की सब तक का सबसे तेज़ अर्धशतक है. सेमीफाइनल मैच में औस्ट्रीलिया के खिलाफ उन्होंने 30 गेंदों में 70 रन बनाए थे. युवराज ने उस टूर्नामेंट में सबसे बड़ा छक्का भी मारा था जो 119 मीटर का था.( Yuvraj Singh )

11. चेन्नई, 2008 में इंग्लैंड को पहला टेस्ट हराने के लिये युवराज ने नाबाद 85 रन बनाए थे और सचिन के साथ 163 रनों की पार्टनरशिप की थी. यह भारत का सबसे बड़ा रन चेस था. यह पारी युवराज की सबसे पसंदीदा टेस्ट परियो में से एक है.

12. तीनो कप में भाग लेने वाले युवराज ऐसे पहले खिलाडी बने थे. ICC अंडर 19 वर्ल्ड कप 2000 में, टी20 वर्ल्ड कप 2007 में और वर्ल्ड कप 2011 में. भारत इन तीनों वर्ल्ड कप को जीता था और युवराज का तीनो कप जितने में अहम योगदान था. 2011 के वर्ल्ड कप में युवराज मैन ऑफ़ दी सीरीज रहे और 2011 के वर्ल्ड कप में वे 4 बार मैन ऑफ़ दी मैच भी रहे.

13. Yuvraj Singh पहले ऐसे आल राउंडर है जिन्होंने एक ही वर्ल्ड कप में 300 से ज्यादा रन बनाए और 15 विकेट भी ली. टी20 में 100 से ज्यादा छक्के मारने वाले वे पहले भारतीय बने थे.

14. 2014 के IPL में RCB ने युवराज को 14 करोड़ में ख़रीदा था. फिर 2015 में युवराज को 16 करोड़ में ख़रीदा फिर 2016 की आईपीएल नीलामी के वे सबसे महंगे खिलाडी बने.

15. 2011 में युवराज को बाँए फेफड़े में कैंसर का ट्यूमर हो गया तो वे कीमोथेरेपी (Chemotherapy) के लिए बोस्टन (Boston) और इंडिआनापलिस (Indianapolis) गए. मार्च 2012 में युवराज की 3 कीमोथेरेपी की साइकिल ख़त्म हुई और उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिली और अप्रैल में वे भारत वापिस आए.

16. 2012 में युवराज राष्ट्रपति द्वारा अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किये गए. 2014 में युवराज को पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया. उसी वर्ष उन्हें FICCI मोस्ट इन्सपिरिंग स्पोर्टमैन अवार्ड से सम्मानित किया गया था.

17. Yuvraj Singh ने अपनी ऑटोबायोग्राफी लिखी है और उसको नाम दिया “माय लाइफ : फ्रॉम क्रिकेटर टू कैंसर एंड बैक.

18. बचपन में युवराज ने बाल कलाकार के रूप में पंजाबी फिल्मो में काम किया है. बॉलीवुड की एनिमेटेड फिल्म जंबो में युवराज की आवाज ली गयी गई.

19. कैंसर से लढने के बाद युवी ने अपना NGO खोला, You We Can जहा अब तक 100 से ज्यादा कैंसर के मरीजो का इलाज हो चूका है.

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