Shayari in Hindi ,शायरी, Shayari, इरशाद, Love

shayari in hindi अब जानेमन तू तो नहीं,शिकवा -ए-गम किससे कहेंया चुप हें या रो पड़ें,किस्सा-ए-गम किससे कहें। उजालों की परियाँ नहाने लगीं,नदी गुनगुनाई ख़यालात की। फलसफा समझो न असरारे सियासत समझो,जिन्दगी सिर्फ हकीक़त है हकीक़त समझो,जाने किस दिन हो हवायें भी नीलाम यहाँ,आज तो साँस भी लेते हो ग़नीमत समझो। #shayari in hindi कई साल से […]

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