Sridevi biography in hindi

Sridevi Biography and life story

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54 साल की श्रीदेवी ने दुबई में आखिरी सांस ली। दरसल अपने भतीजे की शादी में शामिल होने के लिए दुबई गयी हुई थी और वही दिल का दौरा पड़ने से उनकी म्रत्यु हो गयी।

दोस्तों श्रीदेवी को बॉलीवुड की पहली महिला “सुपरस्टार” के रूप में जाना जाता है | और अपने जबरदस्त एक्टिंग की वजह से वह 5 बार फिल्म फेयर अवार्ड जीतने में सफल भी रही रही |

साथ ही 2013 में उन्हें भारत सरकार की ओर से पद्मश्री के सम्मान से भी नवाजा गया।

तो चलिए दोस्तों तेलुगू, तमिल, मलयालम, और हिंदी फिल्मो में अपने एक्टिंग का छाप छोड़ चुकी first female “superstar” श्रीदेवी की लाइफ जर्नी को हम शुरू से जानते है |

श्रीदेवी का पूरा नाम Shree Amma Yanger Ayyapan था। उनका जनम 13 अगस्त 1963 को मद्रास के सिवकासी में हुआ था। उनके पिता ayyapan पेशे से एक वकील थे। उनकी माता का नाम राजेश्वरी था । उनकी माता तिरुपति , आंध्र प्रदेश से थी। श्रीदेवी के पिता तमिल मूल से थे तथा उनकी माता तेलुगु से।

श्रीदेवी का एक्टिंग कैरियर की अगर बात की जाए तो वह बहुत जल्द ही शुरू हो गया था। जब वो मात्र 4 साल की थी तो उन्होंने तमिल फ़िल्म Thunaivan से अपने कैरियर की शुरुआत की। इसके बाद से ही वो तमिल और तेलुगु फिल्मो में फेवरेट चाइल्ड आर्टिस्ट बन गयी और 1967 से 1975 तक बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट बहुत सी तमिल और तेलुगु फिल्मो में काम किया।
1971 में उन्होंने Poompatta फ़िल्म के लिए Kerala State Film Award for Best Child Artist अवार्ड जीता। इस अवार्ड के साथ ही उन्होंने बता दिया की वो सिर्फ एक्टिंग के लिए ही बनी है।
श्रीदेवी के अगर बॉलीवुड कैरियर की बात की जाए तो बॉलीवुड में उनका डेब्यू 1975 में जूली फ़िल्म से हुआ। वहां पर भी उनकी एक्टिंग को काफी सराहा गया।

1976 में उनको अपना लीड रोल मिला । जो की एक तमिल फ़िल्म Moondru Mudichu में था।
इसके बाद उन्होंने तमिल सुपरस्टार रजनीकांत और कमल हस्सन के साथ भी कई फिल्म की।

श्रीदेवी ने बॉलीवुड में अपनी शुरुआत 1979 में solva sawan से की।

तमिल इंडस्ट्री में छाप छोड़ चुकी श्रीदेवी को पहला filmfare अवार्ड 1981 में Meendum Kokila के लिए मिला।
1982 में श्रीदेवी ने Moondram Pirai में एक amnesia से पीड़ित लड़की का रोल किया। उनके अभिनय के लिए Tamil Nadu State Film Award for Best Actress मिला

1983 में जीतेन्द्र के साथ श्रीदेवी ने हिम्मतवाला फ़िल्म की। यह फ़िल्म उस साल की ब्लॉकबस्टर फ़िल्म साबित हुयी।इस फ़िल्म से श्रीदेवी का नाम लोगों तक पहुँच गया और श्रीदेवी का नैनो में सपना गाना काफी लोकप्रिय हुआ बॉलीवुड में मात्र 2 फ़िल्म करने वाली श्रीदेवी लोगों में काफी मशहूर हो गयी।

अगली साल 1984 में श्रीदेवी की तोहफा फ़िल्म आई और यह भी साल की सबसे बड़ी blockbuster बन कर उभरी।
इस फ़िल्म की सफलता के साथ ही श्रीदेवी बॉलीवुड की बड़ी हीरोइन में शुमार की जाने लगी। इस फ़िल्म में श्रीदेवी के अलावा जीतेन्द्र भी थे। इन फिल्मो के बाद जीतेन्द्र और श्रीदेवी की जोड़ी ने 1983 से 1988 के बीच कुल 16 फ़िल्म साथ साथ की जिनमे से 13 हिट हुयी और सिर्फ 3 फ्लॉप हुयी।

इसी बीच श्रीदेवी ने राजेश खन्ना के साथ नया कदम , मक़सद , मास्टरजी आदि फिल्मो में काम किया।

Sridevi biography and Life Story

1986 में आई फ़िल्म नगीना भी उनकी पहले की फिल्मो की तरह सफल रही और साल की दूसरी सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर हिट रही। इस फ़िल्म के साथ ही श्रीदेवी ने सुपरस्टार का स्टेटस अपने नाम कर लिया।

जिस तरह उस समय में राजेश खन्ना को सुपरस्टार का दर्जा मिला हुआ था ठीक उसी प्रकार एक्ट्रेस में अगर किसी को ये दर्जा मिला तो वो थी श्रीदेवी।

श्रीदेवी की अनिल कपूर के साथ आई 1987 में mr india उस साल की सबसे बड़ी हिट फ़िल्म रही। इस फ़िल्म के साथ ही श्रीदेवी ने अपनी काबिलियत एक बार फिर साबित की।

Sridevi biography and Life Story

1989 में आई चालबाज़ फ़िल्म में श्रीदेवी डबल रोल करते हुए नजर आई। इस रोल के लिए उन्हें अपना पहला फिल्मफेयर अवार्ड भी मिला।
उसी साल यश चोपड़ा की चांदनी फ़िल्म भी आई यह 1989 की सबसे बड़ी हिट साबित हुयी।
इस फ़िल्म ने Best Popular Film Providing Wholesome Entertainment के लिए नेशनल अवार्ड भी जीत।

इन फिल्मो के बाद श्रीदेवी ने बहुत सी भूमिकाये अदा की और हर भूमिका में वो उम्मीदों से अच्छा परफॉर्म करने में कामयाब रही।
1991 में लम्हे फ़िल्म के लिए उनको दूसरा filmfare अवार्ड भी मिला।
1992 में खुदा गवाह , 1993 में रूप की रानी चोरों की रानी , गुमराह,
1994 में अनिल कपूर के साथ लाडला फ़िल्म में काम किया।
1996 में वो बोनी कपूर जो की एक डायरेक्टर है उनके साथ शादी के बंधन में बंध गयी।
1997 में उन्होंने जुदाई फ़िल्म की। इसके बाद उन्होंने फिल्मो से एक ब्रेक ले लिया। और अपनी शादी पर ध्यान दिया।

6 साल के गैप के बाद 2004 में श्रीदेवी ने Malini Iyer नाम के tv शो के साथ TV पर डेब्यू किया।
इसके साथ ही Jeena Isi Ka Naam Hai और काबूम आदि शो भी किये।

2011 में श्रीदेवी ने अपने कमबैक की खबर दी और उनके फेन इस खबर से काफी खुश हुए। 2012 में उनकी कमबैक फ़िल्म इंग्लिश विंग्लिश जिसको न केवल लोगों ने बल्कि क्रिटिक ने भी काफी सराहा।
2015 में तमिल फ़िल्म puli में काम किया।
2017 में उनकी होम प्रोडक्शन की फ़िल्म mom आई। यह भी ज्यादातर पॉजिटिव reviews के साथ ही बॉक्स ऑफिस पर आई और लोगों को काफी पसंद भी आई।
यह उनकी आखिरी फ़िल्म थी।
अगर सदी की महानायिका का दर्जा किसी को दिया जा सकता है तो वो है श्रीदेवी । इन्होंने अपने जीवन में 300 फिल्म की। इनके द्वारा की गयी ज्यादातर फ़िल्म न केवल critics बल्कि लोगों द्वारा भी काफी पसंद की गयी। पर दुर्भाग्यबस 2018 में 24 February को heart attack के कारण उनका निधन दुबई में हो गया।

श्रीदेवी के दुर्भाग्यपूर्ण निधन के साथ हमने न केवल एक महान एक्ट्रेस बल्कि एक महान महिला को भी खो दिया है। कितनी भी एक्ट्रेस आएँगी और जाएँगी पर अब शायद ही कोई एक्ट्रेस होगी जो इस मुकाम पर पहुँच पायेगी। न केवल बॉलीवुड बल्कि भारत के सारे सिनेमा जगत को इनकी कमी हमेशा महसूस होती रहेगी।

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