शिक्षा के महत्व पर भाषण - Speech On Education In hindi

शिक्षा के महत्व पर भाषण 2020 – Speech On Education In hindi

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Speech On Education In hindi

सर्वप्रथम सभी को मेरा नमस्कार!

आदरणीय मान्यवर, सम्मानीय मुख्य अतिथि, प्राचार्या जी, सभी शिक्षक गण और यहां पर बैठे मेरे छोटे-बड़े भाई-बहनों और मेरे प्रिय दोस्तों आप सभी का मैं तहे दिल से आभार प्रकट करती हूं/करता हूं।

बेहद खुशी हो रही है कि, आज मुझे इस अवसर पर, आप लोगों के समक्ष, शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषय पर शानदार भाषण देने का सुनहरा अवसर प्राप्त हुआ है। मैं अपने भाषण की शुरुआत, शिक्षा के मूल्यों समझाने पर लिखे गए एक संस्कृत श्लोक के माध्यम से करना चाहती हूं / चाहता हूं –

”विद्या नाम नरस्य रूपमधिकं प्रच्छन्नगुप्तं धनम्।
विद्या भोगकरी यशः सुखकरी विद्या गुरूणां गुरुः।
विद्या बन्धुजनो विदेशगमने विद्या परं दैवतम्।
विद्या राजसु पुज्यते न हि धनं विद्याविहीनः पशुः॥”

जिसका मतलब है कि विद्या किसी व्यक्ति का विशिष्ट रुप है, विद्या गुप्त धन है। विद्या भोग देने वाली, यश-कीर्ति देने वाली, और सुख देने वाली है। विद्या गुरुओं की गुरु है, विदेश में विद्या बंधु है यानि कि दोस्त है। विद्या ही सबसे बड़ी देवता है, राजाओं में विद्या की पूजा होती है, धन की नहीं, विद्याविहीन व्यक्ति पशु के सामान है।(Speech On Education In hindi)

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अर्थात शिक्षा, मनुष्य के जीवन का मूल आधार है, शिक्षा के बिना मनुष्य एक पशु के सामान है, क्योंकि मनुष्य के ज्ञान और विवेकशीलता के तर्ज पर ही मानव और पशु में अंतर किया जाता है।

एक शिक्षित व्यक्ति ही समाज में खुद को साबित कर पाने की क्षमता रखता है, क्योंकि शिक्षा से ही व्यक्ति के अंदर सोचने, समझने की शक्ति विकसित होती है और उसके दिमाग का पूर्ण रुप से विकास होता है, इसके साथ ही तभी वह सफलता हासिल करता है, और अपने जीवन के लक्ष्यों को हासिल करने के योग्य बनता है।

शिक्षा मनुष्य का मानसिक, सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक सभी रुप में विकास करती है, और मनुष्य को यश-कीर्ति दिलवाती है। इसलिए शिक्षा के महत्व को समझना चाहिए।

जो लोग पढ़ाई-लिखाई से दूर भागते हैं, अथवा इसके महत्व को नहीं समझते हैं, ऐसे लोगों को अपने जीवन में निश्चय ही घोर कष्टों का सामना करना पड़ता है। वहीं शिक्षा हासिल कर ही व्यक्ति सही मायने में एक सुखी जीवन जीता है, वहीं इसके विपरीत जो व्यक्ति शिक्षा ग्रहण नहीं करते हैं, उसे अपनी जिंदगी में दर-दर की ठोंकरे खानी पड़ती है, और अंतत: बिना कुछ हासिल किए ही ऐसे व्यक्ति का जीवन समाप्त हो जाता है।

शिक्षा से ही व्यक्ति के अंदर दुनिया की समस्त चीजों का बोध होता है, साथ ही उसे अपने जीवन में अच्छे और बुरे का पता चलता है। वहीं शिक्षा ही व्यक्ति को अंधविश्वास से दूर रखती है, उससे मन से डर भगाती है और किसी भी संदेह को मिटाने में उसकी मद्द करती है।(Speech On Education In hindi)

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वहीं जरूरी नहीं कि शिक्षा स्कूल या फिर कॉलेज में ही ली जाए, शिक्षा ऐसी चीज है, जिसे व्यक्ति कहीं भी और किसी भी उम्र में हासिल कर सकते हैं। वहीं विद्या प्राप्त करने की सबसे अच्छी बात यह है कि, शिक्षा बांटने से कभी कम नहीं होती है बल्कि यह बढ़ती है और इसे कोई भी आपसे चोरी नहीं कर सकता है, यह मनुष्य के जीवन का एक अद्भुत खजाना है।

वहीं इस दुनिया में कई लोग ऐसे भी हैं जो शिक्षा तो हासिल करना चाहते हैं, लेकिन वह इसके लिए मेहनत नहीं करना चाहते हैं अर्थात ऐसे लोगों को कभी शिक्षा हासिल नहीं हो सकती है, क्योंकि इसके लिए कड़ी मेहनत और लगन की जरूरत होती है, कई सुख और नींद का त्याग करने के बाद ही इसको हासिल किया जा सकता है, और इसे हासिल कर व्यक्ति सफल हो सकता है।(Speech On Education In hindi)

वहीं शिक्षा के माध्यम से ही व्यक्ति की सोच में बदलाव आता है, यही वजह है कि स्वामी विवेकानंद, आचार्य चाणक्यदयानंद सरस्वतीमहात्मा ज्योतिबा फुलेडॉक्टर बाबासाहेब अंबेडकर जी समेत कई महापुरुषों और समाजसेवकों शिक्षा का जमकर प्रचार-प्रसार किया, और इसी वजह से आज आधुनिक भारत का निर्माण हो सका है। शिक्षा से सभी के अंदर समानता का भाव पैदा होता है, और जातिगत भेदभाव, ऊंच-नीच, लैंगिग भेदभाव गरीबी-अमीरी आदि का अंतर खत्म होता है।

शिक्षा महिला और पुरुषों सभी के लिए समान रुप से महत्व रखती है, और दोनों के बीच के अंतर को खत्म करने में मद्द करती है। इसके साथ ही शिक्षा से ही शासन प्रणाली में पारदर्शिता लाई जा सकती है और भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की जा सकती है। अच्छी शिक्षा किसी भी राष्ट्र की उन्नति और प्रगति में सहायता करती है।

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वहीं शिक्षा के प्रचार-प्रसार के लिए बड़े स्तर पर भारत सरकार द्धारा भी कई तरह के जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं, जिससे ज्यादा से ज्यादा लोग शिक्षा हासिल कर सकें और देश के विकास में अपना सहयोग निभा सकें हैं वहीं शिक्षा के माध्यम से आज ग्रामीणों के रहन-सहन और जीवन स्तर में भी बदलाव देखने को मिला है।(Speech On Education In hindi)

अर्थात शिक्षा ही एकमात्र ऐसा जरिया है, जो न सिर्फ संसार में व्याप्त समाप्त बुराइयों को नष्ट कर सकती है, बल्कि मनुष्य के विकास के साथ पूरे राष्ट्र को उन्नति के पथ पर अग्रसर कर सकती है। शिक्षा पर जितना भी बोला जाए कम है, अर्थात एक महान व्यक्ति के विचार द्धारा मैं अपने इस भाषण पर यहीं विराम लगाना चाहूंगी –

“शिक्षा सबसे शक्तिशाली हथियार है जिससे माध्यम से आप पूरी दुनिया को बदल सकते हैं” – नेल्सन मंडेला

अर्थात हम सभी को शिक्षा के प्रचार-प्रसार पर जोर देना चाहिए और खुद तो शिक्षा के महत्व को समझना ही चाहिए इसके साथ ही अज्ञानी और अशिक्षित व्यक्ति को भी शिक्षा के मूल्य को समझाना चाहिए, ताकि हर तरफ शिक्षा की अलख जग सके और हमारा देश, दुनिया का सबसे सफल और विकसित देश बन सके।

धन्यवाद।

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