maruti suzuki history in hindi

history of maruti suzuki in hindi

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history of maruti suzuki in hindi:-

मारुती सुजुकी कंपनी को पहले मारुती उद्योग लिमिटेड के नाम से जाना जाता था. जो साल २०१२ तक १ करोड़ गाड़िया बेच चूका हैं.
मारुती कंपनी की कहानी शुरू होती हैं, सन १९७० मैं उस साल मारुती टेक्निकल सर्विस प्रिवेट लिमिटेड इक कम्पनी की स्थापना हुई थी. जो गाड़िया तो नहीं बनाती थी पर गाड़िया बनानेका तकनीकी तरीका प्रदान करती थी.
इसके एक साल बाद उस समय के प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के मंत्री मंडल ने प्रस्ताव रख़ा की भारत के लोगो के लिए गाड़ी का निर्माण किया जाये, जो कोई भी मिडल क्लास लोग खरीद सके और उसे चला सके.
क्युकी उस समय सिर्फ हिंदुस्तान एम्बेसेडर और प्रीमियर पदमनी गाड़िया थी भारत मैं, जो हर कोई खरीद नहीं सकता, मंत्री मंडल के प्रस्ताव के बाद जून १९७१ मै मारुती मोटर्स नाम की कम्पनी खोली गई.
और उसमें संजय गाँधी मेनेजिंग डिरेक्टर बने. उनको सरकार ने गाड़िया बनाने का कोंट्राक्ट भी दे दिया, लेकिन संजय गांघी को इस मामले मैं कोई भी अनुभव था, साथ मैं वो राजनीती मैं ज्यादा जुड़े रहे. ( history of maruti suzuki in hindi )
और इसीलिए इस कंपनी से एक भी गाड़ी का निर्माण नहीं हुआ. सिर्फ एक प्रोटोटाइप गाड़ी का निर्माण किया गया था.
काफी लोगो ने इस मामले को करप्शन बताया, लेकिन संजय गाँधी ने विदेशी कार कंपनी फॉक्सवेगन के साथ बातचीत की थी सहायता के लिए लेकिन ऐसा हुआ नहीं, उसके बाद २३ जून १९८० को संजय गाँधी एक विमान दुर्घटना मैं मारे गए.
उनकी मौत के १ साल बाद सरकार ने मारुती लिमिटेड कम्पनी को बचाने के लिये एक सहयोगी और पार्टनर कम्पनी को खोज ने लगी. और इसी बिच मारुती उद्योग लिमिटेड की स्थापना हुई.
और खोज करते हुए एक जापानीस कार कंपनी सुजुकी का संपर्क  गया. जब सुजुकी को पता चला की भारत सरकार ने दूसरी कंपनी फॉक्सवेगन कोभी संपर्क किया था.( history of maruti suzuki in hindi )
तो फॉक्सवेगन कंपनी से आगे रहने के लिए सुजुकी ने मारुती के साथ पार्टनरशिप करना उचित समजा. साल १९८२ को भारत के मारुती उद्योग लिमिटेड और सुजुकी ने अग्रीमेंट और लाइसेंस पे साइन किया, और ऐसे दोनों कंपनी पार्टनर बनके मारुती सुजुकी बने.
पहले तो मारुती सुजुकी सिर्फ गाड़ियों का इम्पोर्टर थे, पहले २ साल इस कंपनी ने जापान से ४०००० गाड़िओ का इम्पोर्ट किआ. इसके बाद १९८३ मैं भारत मैं गाड़िओ का निर्माण शुरू हुआ.( history of maruti suzuki in hindi )
और पहली निर्माण होने वाली गाड़ी थी भारत की सबसे पॉपुलर गाड़ी मारुती ८०० जो जापान की ss8 Suzuki Alto गाड़ी के ऊपर आधारित थी. मारुती ८०० की कीमत थी ८३००० रुपिया थी और मारुती ८०० जिसने पेहली कार खरीदी थी
वो थे मिस्टर हरपाल सिंघ. जिनको खुद प्रधान मंत्री इंदिरा गाँधी ने गाडीकी चाबी थी.
साल १९८४ मैं मारुती वान रिलीस हुआ, एक साल बाद जिप्सी रिलीस हुआ, १९८९ मैं भारत की पहली सेडान गाड़ी मारुती १००० (मारुती एस्टीम)
रिलीस हुआ, १९९३ मैं जेन कार, १९९९ मैं बलेनो कार, वेगेनर, साल २००० मैं अल्टो रिलीस हुई, और अबतो मारुती का हर साल नया मोडल दिखही जाता है.( history of maruti suzuki in hindi )
३० साल से भी अधिक समय से गाड़िया निर्माण करते हुए मारुती सुजुकी भारत का एक विश्वास निय ब्रांड बनचुका है. 

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