history of bmw in hindi

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history of bmw in hindi :-

BMW आज से करीब 101  साल पहले अस्तित्व में आई थी | और इस कार कंपनी को ,आमतौर पर महंगी लग्जरी कारों के लिए जाना जाता है |

साथ ही यह कम्पनी रोल्स रॉयस और मिनी ब्रांड की कारें भी बनाती हैं |

तो दोस्तो अब तक तो हमने BMW के सफलता की बात की लेकिन क्या आपको पता है कि यह सफ़र इस कम्पनी के लिए काफी उतार चढ़ाव भरा रह चूका है |

BMW उन प्रसिद्ध कंपनियों में शामिल है, जिनके कि वर्ल्ड वॉर के समय मोटरसाइकिल और कार बनाने पर रोक लगा दी गई थी | और उस टाइम इस कपनी ने  साइकल और किचेन के सामान जैसी बहुत सारी चीजें बनाई |

और एक समय खुद, बिकने की कगार पर खड़ी इस कम्पनी ने आगे चलकर रॉल्स रॉयस जैसी बड़ी कंपनी को भी खरीदा |

तो चलिए दोस्तों हम जानते हैं कि आखिर BMW का अभी तक का यह उतार चढ़ाव भरा सफर कैसा रहा |

तो दोस्तों कहानी की शुरुवात होती है  24 सितंबर 1882 से जब Karl Friedrich Rapp का जन्म हुआ | आगे चलकर वे मैकेनिकल इंजीनियर बने और फिर 1918 में उन्होंने Rapp  Motorenwerke  GMBH नाम की एक कंपनी खोली |

जिस कंपनी में मुख्य तौर पर एयरक्राफ्ट और वाहनों के इंजन बनाए जाते थे |

कुछ सालों के बाद पहला वर्ल्ड वार भी शुरू हो गया और उस समय एयरो इंजन की डिमांड भी काफी बढ़ गई थी | इसी डिमांड को पूरा करने के लिए उन्होंने 7 मार्च 1916 को दो कम्पनियों (Bayerische Flugzeugwerke और Automobilwerk Eisenach) के साथ मिलकर एक नई कंपनी बनाई जिसका नाम उन्होंने “बावेरियन मोटर वर्क्स रखा  |

और इसी को हम शार्ट में BMW के नाम से जानते हैं | दरअसल यह नाम, BMW का इंग्लिश नाम है | इसका जर्मन नाम Bayerische Motoren Werke हैं |

BMW का पहला प्रोडक्ट BMW IIIa नाम का एक एयरक्राफ्ट इंजन था, जिसकी क्वालिटी इतनी जबरदस्त थी कि यह मिलिट्री को काफी पसंद आया  | और BMW को उनके द्वारा एक बड़ा आर्डर मिल गया |

लेकिन 1918 में वर्ल्ड वॉर खत्म हो जाने के बाद सिचुएशंस कुछ ऐसी बनी की BMW को एयरो इंजन बनाना बंद करना पड़ा | इसीलिए BMW ने खेतों में यूज किए जाने वाले पंप, बस और ट्रैक्टर के इंजन जैसी बहुत सारी चीजें बनानी शुरू की |

1923 में BMW ने मोटरसाइकिलस बनाना भी शुरू कर दिया और इस कंपनी का पहला सफल मोटरसाइकिल मॉडल R32 रहा था |

1928 मे BMW ने Automobilwerk Eisenach नाम की कम्पनी को खरीद कर कार का भी प्रोडक्शन करना शुरू कर दिया और फिर इस कंपनी की पहली कार BMW 3/15 लांच की गयी |

1939 में दूसरे विश्व युद्ध के शुरुआती दौर में कंपनी ने फिर से, एयरो इंजन बनाने की शुरुआत की लेकिन इसी बीच उनके कई फैक्ट्रीज पर बमबारी की गई और कुछ को तो सोवियत सरकार ने ज़ब्त कर लिया |

इतना ही नहीं उनके कम्पनी के ऊपर मोटरसाइकल और कार बनाने पर भी रोक लगा दी गई थी | लेकिन इसके बावजूद भी हारना मानते हुए उन्होंने  किचन का सामान और साइकल जैसी बहुत सारी चीजें बनाने शुरू की |

हलाकि 1947 में BMW ने एक बार फिर से मोटरसाइकिलस बनाने का परमिशन हासिल कर लिया और 1948 में R24 मॉडल का एक मोटरसाइकिल लॉन्च किया |

हलाकि कार बनाने  पर अभी भी बैन लगा हुआ  था | लेकिन 1951 में यह बैन भी  हटा दिया गया  और फिर BMW की कार 501 लॉन्च की गयी |  लेकिन BMW की कार बहुत ही महँगी थी जिस वजह से 1954 तक BMW की कमाई का मुख्य जरिया मोटरसाइकिल ही था |

हालांकि अपनी प्रोफिट में कमी करने के बाद 1955 में BMW ने कुल 10,000 कार की सेलिंग की थी | लेकिन उन्हें इस स्ट्रेटजी से घाटा हो रहा था | और 1960 आते आते BMW बिकने की कगार पर आ गयी |

लेकिन 1961 में BMW की “1500 मॉडल” लांच की गयी, जो कम्पनी को बचाने में बहुत मददगार  साबित हुई, और इसे स्पोर्ट्सकार के तौर पर लोगों ने खूब पसंद किया था |

आगे भी कम्पनी ने कार के बहुत सारे अच्छे अच्छे मॉडल लाये, जिसे की लोगों ने खरीदना पसंद किया | और इस तरह से इस कम्पनी ने एक नयी ऊँचाइयों को छुवा |

आगे चल कर BMW ने “रोवर ग्रुप” को खरीद लिया, जिसमे उस समय लैंड रोवर भी शामिल थी | हलाकि यह डील BMW के लिए नुक्सान भरा रहा और फिर आगे चल कर BMW ने इसे फोर्ड कम्पनी को बेच दिया |

1998 में BMW ने  रोल्स रोयस के लोगो और नाम को खरीदा और फिर 2003 में रोल्स रोयस के पुनर्गठन के बाद BMW के ओनरशिप में रोल्स रोयस फेंटम रिलीज किया गया |

और फिर 2004 में होंडा, कावासाकी, यामाहा और सुजुकी की खूबियों को ध्यान में रखते हुए BMW ने K1200S मोडल का एक स्पोर्टस बाइक लांच किया |

और फिर 2011 मे इलेक्ट्रिक कार की डिज़ाइनिंग और मैन्युफैक्चरिंग के लिए BMW की   sub-brand “BMW i” बनायीं  गयी | और 2016 तक BMW की i3 मॉडल  की 50,000 कारs बेचीं  जा चुकी  थी जी की ग्लोबल सेल्स के मामले में यह बहुत बड़ी बात थी |

तो दोस्तों ये थी BMW की कहानी जिसका सफ़र काफी उतार चढ़ाव भरा रहा |

लेकिन दोस्तों ये जान लीजिये जितना कठिन संघर्ष होगा जीत उतनी ही शानदार होगी |

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