history of babri masjid in hindi | बाबरी मस्जिद

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History of babri masjid in hindi

 देश में एक बार फिर राम मंदिर का मुद्दा छाया हुआ है, अयोध्या सुर्खियों में है, एक बार फिर यहां के लोग सहमे हुए हैं, चप्पे-चप्पे पर फोर्स तैनात की गई है। वजह है अयोध्या में शिवसेना और विश्व हिंदू परिषद की होने वाली ‘धर्म संसद‘, इसके लिए खुद उद्धव ठाकरे अयोध्या पहुंचे हैं। मामला कोर्ट में लटका हुआ है और साधु-संत और शिवसेना सरकार से राम मंदिर के लिए अध्यादेश लाने की मांग कर रही है। शिवसेना सांसद संजय राउत ने शुक्रवार को अयोध्या में कहा कि हमने 17 मिनट में बाबरी मस्जिद तोड़ी थी, तो कानून बनाने में कितना वक्त लगेगा?

फरगान का आक्रमणकारी जहीर उद-दीन मुहम्मद बाबर, 1526 ई. में पानीपत के पहले युद्ध में दिल्ली सल्तनत के अंतिम वंशज सुल्तान इब्राहीम लोदी को हराकर भारत में दाखिल हुआ था। बाबर ने इसके साथ ही भारत में मुगल वंश की स्थापना की, और यहां बड़े पैमाने पर मस्जिदों का निर्माण कराना शुरू किया। उसने पानीपत में पहली मस्जिद बनवाई थी, इसके दो साल बाद बाबर ने 1527 में अयोध्या में एक मस्जिद बनवाई, जो बाबरी मस्जिद के नाम से जानी जाती है। इतिहासकारों के मुताबिक इस मस्जिद को बनवाने के लिए बाबर ने ऐसी जगह चुनी जिसे हिंदू अपने अराध्य भगवान श्रीराम का जन्म स्थान मानते थे।

अंग्रेजों ने सुलझाया था पहला विवाद

देश में जब तक मुगलों का शासन रहा तब तक अयोध्या में विवादित स्थल को लेकर कभी कोई बड़ा विवाद नहीं हुआ, लेकिन 1853 में पहली बार इस स्थल के पास सांप्रदायिक हिंसा हुई, उस वक्त भी हिंदू यहां बनी मस्जिद को तोड़कर मंदिर बनवाना चाहते थे, उस दौर में भारत में अंग्रेजों का शासन था। लोगों को शआंत करने के लिए अंग्रेज सरकार ने एक फॉर्मूला ढूंढा, जिसके तहत यहां विवादित स्थल पर बाड़ लगा दी गई, बाबरी मस्जिद परिसर के भीतरी हिस्से में मुसलमानों को और बाहरी हिस्से में हिंदुओं को प्रार्थना करने की अनुमति दे दी, साल 1949 में भगवान राम की मूर्तियां मस्जिद में पाई गईं, कथित रूप से कुछ हिंदुओं ने ये मूर्तियां वहां रखवाई थीं, मुस्लिम समुदाय ने इसका विरोध किया। और दोनों पक्ष अदालत पहुंच गए, सरकार ने इस स्थल को विवादित घोषित करके यहां ताला लगा दिया, तब से विवादित स्थल पर दावेदारी को लेकर दोनों पक्ष कोर्ट में लड़ाई चल रही है।

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