dr bhimrao ambedkar biography in hindi

dr bhimrao ambedkar biography in hindi

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भीम राव अम्वेडकर को बाबासाहेब  के नाम से भी जाना जाता है  | कुछ लोग महान पैदा होते हैं , और कुछ महानता को प्राप्त होते हैं BR Ambedkar  भीमराव  आम्बेडकर उन्ही लोगो में से एक हैं जो एक साधारण परिवार से होते हुए भी महानता को प्राप्त हुए |

भीमराव  आम्बेडकर  प्रारंभिक जीवन :-

भारत  के संबिधान के रचियता थे भीमराव  आम्बेडकर Dr Br Ambedkar जिनका जन्म  सैन्य छावनी मऊ ( मध्यप्रदेश में)हुआ था. वे रामजी सकपाल  और भीमाबाई की 14 वी व अंतिम संतान थे. उनका परिवार एक मराठी परिवार था | वे महार जाति से संबंध रखते थे, जो अछूत कहे जाते थे और उनके साथ सामाजिक और आर्थिक रूप से गहरा भेदभाव किया जाता था।

Ambedkar के परिवार में लोग लम्बे समय तक ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी की सेना में कार्यरत थे और उनके पिता, भारतीय सेना की मऊ छावनी में सेवा में सूबेदार पद पर थे . अम्वेडकर जी को कड़ी मेहनत की शिक्षा अपने पिता से ही मिली |  स्कूली पढाई में अच्छे होने पर भी दलित  बच्चो को विद्यालय में अलग बिठाया जाता था और अध्यापको द्वारा भी भेदभाव किया जाता था |
दलित बच्चो को कक्षा में अंदर बैठने की अनुमति नहीं थी और  प्यास लगने पर कोई उची जाती का बिद्यार्थी दलित जाती के बिद्यार्थी  को पानी ऊपर से दाल कर पिलाता था | दलित बिद्यार्थी  को पानी का बर्तन छूने की अनुमति नहीं थी | जिससे कई बार भीमराव  आम्बेडकर को प्यासा ही रह जाना पड़ता |

Dr Bhimrao Ambedkar का समाजिक और राजनितिक जीवन:-

१८९४ में उनके पिता सेवा निवर्त हो गए और सतारा में जाकर बस गए वहां उनकी माता अम्बेडकर की मां की मृत्यु हो गई। इन कठिन समय  में  भीमराव  आम्बेडकर केवल तीन भाई , बलराम, आनंदराव और भीमराव और दो बहन मंजुला और तुलासा ही जीवित बच पाये।  अपने एक  शिक्षक महादेव अम्बेडकर जो उनसे विशेष स्नेह रखते थे के कहने  उनके पिता  ने १८९८ मे पुनर्विवाह कर लिया और परिवार के साथ मुंबई आ गए । यहाँ अम्बेडकर गवर्न्मेंट हाई स्कूल के पहले अछूत छात्र बने। १९०७ में मैट्रिक परीक्षा पास करने के बाद अम्बेडकर ने बंबई विश्वविद्यालय में प्रवेश लिया और वह  भारत में कॉलेज में प्रवेश लेने वाले पहले दलित  बन गये।
Br Ambedkar की शादी   एक नौ वर्षीय लड़की, रमाबाई से तय की गयी थी। १९१२ में उन्होंने राजनीति विज्ञान और अर्थशास्त्र में अपनी डिग्री प्राप्त की और बड़ौदा राज्य सरकार की नौकरी को तैयार हो गये। उनकी पत्नी ने एक  बेटे को जन्म दिया जिसका नाम यशवंत रखा गया  । और कुछ ही समय बाद उनके पिता की  मृत्यु २ फरवरी १९१३ को हो गयी।
अम्बेडकर ने  कोलंबिया विश्वविद्यालय से   P.H.D. की डिग्री प्राप्त की |
Bhim Rao Ambedkar को Babasaheb के नाम से पुकारते थे |  वे एक भारतीय न्यायशास्त्री, अर्थशास्त्री, राजनेता और सामाजिक सुधारक थे |
१९२७ में अम्बेडकर ने छुआछूत के खिलाफ एक  आंदोलन शुरू किया। उन्होंने सार्वजनिक आंदोलनों द्वारा प्रेय जल और मंदिरो को सबके लिए खुलवाने के लिए बहुत मेहनत करी ।

13 अक्टूबर 1935 को,  Ambedkar को लॉ कॉलेज का प्रधानचार्य नियुक्त किया गया । उनके निजी पुस्तकालय मे 50000 से अधिक पुस्तकें थीं।१९३७ में  उनकी पत्नी रमाबाई की एक लंबी बीमारी के बाद मृत्यु हो गई।
1956 में उन्होंने धर्म परिवर्तन कर के बुद्ध स्वीकारा | और  उन्होने लगभग 500000 समर्थको को बौद्ध धर्म मे परिवर्तित किया |
१९४० में अम्बेडकर की तबियत खराब हो गयी उन्हें बहुत कम नीद आती थी , इसके सिनसिले में वह मुम्बई गए , वाहन इनकी मुलाकात डॉक्टर शारदा कबीर से हुई जो एक ब्राह्मण थी जिनसे अम्बेडकर की शादी १५ अप्रैल १९४८ में हुई | और डॉ शरद कबीर ने अपना नाम शारदा अम्बेडकर कर लिया | और पुरे जीवन अम्बेडकर जी की सेवा की |   1948 से, अम्बेडकर मधुमेह रोग हो गया ।अक्टूबर 1954 तक वो बहुत बीमार रहे इस दौरान वो बहुत कमज़ोर हो गए  राजनीतिक मुद्दों से परेशान अम्बेडकर का स्वास्थ्य बद से बदतर होता चला गया । और 6 दिसम्बर 1956 को अम्बेडकर की मृत्यु  हो गई। 7 दिसंबर को  बौद्ध शैली मे  उनका अंतिम संस्कार किया गया |

Br Ambedkar डॉ. अम्बेडकर द्वारा किये गए महान कार्य
31 जनवरी 1920 को एक साप्ताहिक अख़बार “मूकनायक” शुरू किया
1924 में बाबासाहेब ने दलितों को समाज में अन्य वर्गों के बराबर स्थान दिलाने के लिए  बहिष्कृत हितकारिणी सभा की स्थापना की।
1932 को  गांधीजी और डॉ. अम्बेडकर के बीच एक संधि हुई  जो  ‘पूना संधि’ के नाम से जानी  जाती है।
अगस्त 1936 में “स्वतंत्र लेबर पार्टी ‘की स्थापना की।
1937 में डॉ. अम्बेडकर ने कोंकण क्षेत्र में पट्टेदारी को ख़त्म करने के लिए  विधेयक पास करवाया|
भारत के आज़ाद होने पर डॉ. अम्बेडकर को संविधान की रचना का काम सौंपा गया | फरवरी 1948 को अम्बेडकर ने संविधान का प्रारूप प्रस्तुत किया और जिसे २६ जनबरी 1949 को लागू किया गया।
1951 में डॉ. अम्बेडकर  ने कानून मंत्री के पद से त्याग पत्र दे दिया|

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