Dipa Karmakar biography in hindi | दीपा कर्माकर

Dipa Karmakar biography in hindi | दीपा कर्माकर

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 Dipa Karmakar Biography in Hindi :-

 दीपा कर्माकर का जन्म 9 अगस्त 1993 को त्रिपुरा के अगरतला में हुआ था। यह एक कलात्मक जिम्नास्ट हैं। इनके पिता दुलाल करमाकर साईं में वेट लिफ्टिंग कोच है, जबकि माता एक गृहणी है। दीपा की एक बहन भी है पूजा जो उनकी अच्छी दोस्त भी है। दीपा के पिता भारत के सबसे अच्छे वेट लिफ्टर कोच में से एक है। दीपा और उनके पिता एक दुसरे के बहुत करीब है, वे दीपा को हर तरह से सपोर्ट करते है। दुलाल जी ने अपनी बेटी की क्षमता और जिमनास्ट के प्रति लगाव को सबसे पहले जाना था, यही वजह है उन्होंने उसे मात्र 6 साल की उम्र से ट्रेनिंग देनी शुरू कर दी थी। दीपा अपनी माँ के भी करीब है, वे अपनी माँ को अपना लकी चार्म मानती है।

दीपा जब 6 साल की थी, तभी से उसके पिता ने सोच लिया था कि वो इसे जिम्नास्ट बनाएँगे। लेकिन इसमें एक दिक्क्त थी। दीपा के पैर के तलवे सपाट थे। ऐसे पैरों के कारण एथलीट के लिए पैर जमाना, भागना या कूदना आसान नहीं होता है। पैरों में घुमाव लाना भी असंभव होता है। बावजूद इसके दीपा की जिद थी कि कुछ भी हो जाए, वो जिम्नास्ट नहीं छोड़ेगी। अंतत: दीपा के पिता जो भारतीय खेल प्राधिकरण में वेटलिफ्टिंग कोच थे, ने उसे अगरतल्ला के विवेकानंद जिम में ट्रेनिंग के लिए भेज दिया। लेकिन इस जिम में ढंग के इक्विपमेंट तक नहीं थे।

वहाँ बैलेंस बीम, कारपेटेड फ्लोर और वॉल्टिंग टेबल भी नहीं थी। मैट लगाकर वॉल्ट की तैयारी करनी पड़ती थी। जिम में बारिश के दिनों में पानी भर जाता था।

2016 ओलम्पिक

दीपा ने 2016 ग्रीष्मकालीन ओलम्पिक में भारत का प्रतिनिधित्व किया। किसी भी ओलंपिक में प्रतिभाग करने वाली वे पहली भारतीय महिला जिम्नास्ट हैं, और पिछले 52 वर्षों में ऐसा करने वाली वे प्रथम भारतीय, पुरुष अथवा महिला, जिम्नास्ट हैं।

इस ओलम्पिक में उन्होंने फाइनल में अपनी जगह बनाई और फाइनल में भी वह मामूली से अंतर (0.150) से कांस्य पदक पाने से चूक गईं और चौथे स्थान पर रहीं। उन्होंने अति कठिन माने जाने वाले प्रोदुनोवा वॉल्ट का सफल प्रदर्शन किया जिसे आज तक विश्व में गिनती की ५ जिम्नास्ट ही सफलतापूर्वक पूरा कर सकी हैं। भले ही वह कोई पदक नहीं जीत पाई लेकिन इस उपलब्धि नें उन्हें भारतभर में प्रसिद्ध कर दिया। भारत के महानतम क्रिकेट खिलाड़ियों में से एक सचिन तेंदुलकर ने कहा – जीतना और हारना खेल का हिस्सा है। आपने लाखों लोगों के दिल जीते और पूरे देश को आपकी उपलब्धि पर गर्व है। बीजिंग ओलम्पिक में स्वर्ण पदक जीत चुके भआरतीय निशानेबाज़ अभिनव बिंद्रा ने कहा – दीपा कर्मकार आप मेरी हीरो हैं।

वह 15.066 के कुल स्कोर के साथ रियो ओलंपिक 2016 की महिला की वॉल्ट जिमनास्टिक्स प्रतियोगिता में चौथी स्थान पर रही। वह भारत गणराज्य में चौथा उच्चतम नागरिक पुरस्कार पद्म श्री के प्राप्तकर्ता है।

वह पहली बार ग्लासगो में 2014 राष्ट्रमंडल खेलों में कांस्य पदक जीते समय ध्यान में आई, खेलों के इतिहास में ऐसा करने वाली पहली भारतीय महिला जिमनास्ट बन गई। राहुल द्रविड़ एथलीट मान्टर्स कार्यक्रम के तहत गोस्पोर्ट फाउंडेशन द्वारा उनका समर्थन किया जा रहा है।

कर्मकर्कर केवल पांच महिलाओं में से एक है, जिन्होंने सफलतापूर्वक प्रोडुनोवा को उतरा है, जो कि वर्तमान में महिलाओं के जिम्नास्टिक में प्रदर्शन वाली सबसे कठिन वॉल्ट के रूप में माना जाता है

 Dipa Karmakar ने रियो ओलंपिक में रचा इतिहास :-

भारत की दीपा करमाकर ने रियो ओलंपिक में जिमनास्टिक्स के फाइनल में जगह बनाई है। वह ऐसा कर पाने वाली पहली भारतीय महिला हैं। साल 1964 के बाद वो पहली भारतीय हैं, जिन्होंने जिम्नास्टिक्स के फाइनल में जगह बनाई है। दीपा आर्टिस्टिक जिमनास्टिक स्पर्धा में छठवें स्थान पर रहीं।

प्रोडुनोवा में दो बार के प्रयास के बाद उन्होंने 14.850 का स्कोर बनाया और फाइनल में जगह बनाई। इस इवेंट के फाइनल में आठ खिलाड़ी होंगे। दीपा दुनिया की उन पांच महिला खिलाड़ियों में से एक हैं जो सफलतापूर्वक प्रोडुनोवा वॉल्ट कर पाती हैं। ओलंपिक में क्वालीफाई करने वाली भारत की पहली जिम्नास्ट दीपा करमाकर ने क्वालीफिकेशन में छठा स्थान हासिल कर अपनी उम्मीदें कायम रखीं थी। दीपा ने रविवार को ओलंपिक जिम्नास्टिक फ्लोर पर शानदार प्रदर्शन कर भारत की ओर से नई उपलब्धि हासिल कर लीं। 52 साल बाद भारत का कोई जिम्नास्ट ओलंपिक में उतरा।

वह वॉल्ट में छठे स्थान पर रहीं हैं। इस स्पर्धा में शीर्ष आठ खिलाड़ी फाइनल्स के लिए क्वालीफाई करते हैं। वॉल्ट में भारतीय जिम्नास्ट ने 15.100 का स्कोर किया जोकि अन्य प्रतियोगियों में सबसे बेहतर था। दीपा दुनिया की ऐसी चुनिंदा पांच जिम्नास्ट में शामिल हैं जो प्रतियोगिता के दौरान बेहद मुश्किल प्राडुनोवा वॉल्ट करती हैं। इसके अलावा दीपा ने अनइवन बार्स में 11.666 का, बैलेंस बीम में 12.866 और फ्लोर पर 12.033  का स्कोर किया। उनका औसत स्कोर 51.665 का रहा है।

52 वर्ष बाद ओलिंपिक में कोई भारतीय जिमनास्ट :-

दीपा के रियो ओलिंपिक में भाग लेने और वॉल्ट में फाइनल तक पहुंच जाने से भारत के लिए यह विशेष गौरवशाली पल हो गया है, क्योंकि 52 वर्ष बाद कोई भारतीय जिम्नास्ट ओलिंपिक मेंउतरा और उपलब्धि हासिल कर ली. आजादी के बाद से भारत की ओर से 11 पुरुष जिम्नास्‍ट ओलंपिक खेलों में शामिल हुए थे, वह भी 1952 (दो),  1956 (3) और 1964 (6 ) में. तब से कोई भीभारतीय ऐसा नहीं कर पाया था.

मिल चुका है अर्जुन अवॉर्ड :-

दीपा को जिमनास्टिक में अद्वितीय प्रदर्शन के लिए प्रति‍ष्ठित अर्जुन पुरस्‍कार से सम्‍मानित किया जा चुका है. उन्हें यह अवॉर्ड राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने अगस्त, 2015 में नेशनल स्पोर्ट्स डे(हॉकी के जादूगर ध्यानचंद के जन्मदिन पर) प्रदान किया था.

dipa karmakar biography in hindi :-

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