पत्थर जमा करते करते हिरा खोदिया | Best motivational short story in hindi

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Best motivational short story in hindi | Story on life in hindi

>>  किसी महान इंसान ने कहा है की कभी उसे नजर अंदाज मत करो जो तुम्हारी बहुत परवा कर ता हो वर्ना एक दिन आप realize करेंगे की आपने पत्थर जमा करते करते हिरा खोदिया

एक बार एक शहर में धनिरा नाम का एक शेठ रहा करता था और उसका एक बेटा था उसका नाम था मंगल और जो मंगल था उसको बेटा नहीं होरा था शेठजी के पास कोई भी कमी नहीं थी उनके पास गाड़िया ही गाड़िया , दौलत ही दौलत नौकर चाकर सब कुछ बढ़िया था लेकिन पोता नहीं होर हा था , मंदिर मस्जिदो में जाते लेकिन कुछ हो नहीं पा रहा था , एक दिन उपर वाले ने उनकी सुन ली और वो दादा बन गये मंगल को बेटा होगया। बहुत ख़ुशी की बात थी गांव में ढिंढोरा पिटवाया गया बताया गया भाई सारे अपने नगर वाशी हे सब पहुंचे शेठ जी की हवेली पर शानदार भोजन रखागया है। अब एक उसी शहर में एक दुशरा शेठ रहा करता था व्यापारी था ढीक ढाक उसका काम चल रहा था वो इतना busy रहता था वो अपने काम में इतना मसगुल रहता था की उसे अपने कपड़ो का ध्यान नहीं रहता था उसका नाम था रामशंकर उसको भी न्योता भेजा गया उसको भी बुलाया गया आपको यहाँ पोहंच ना हे शाम का वक्त था हवेली पर शानदार डेकोरेशन होरा है भोजन की तैयारी हो रही है ये पोहंचा वहा पर इसको तो कपड़ो का ध्यान नहीं की कपडे कैसे पहने हु हे कुरता जो पहना हुथा हाथो के दोनों तरफसे फटा हुआ था अंदर पहुंचा तो धनिरा बोले की तुम्हे पता नहीं की यहाँ क्या चल रहा है में दादा बन गया हु दादा बन ने की ख़ुशी में भोजन रखा गया है और तुमसे कहने जारहा हु की तू क्या बनकर आये हो तुम्हारे कपडे लोग देखेंगे की लोग क्या कहेंगी की ये भिखारी कौन यहाँ पर खाना खा रहा है और रामशंकर को समज नहीं आया की अब क्या किया जाय और बोले की अब क्या करे महाराज चला जाऊ आप के यहाँ से और वो बोले की जैसे आपकी मर्जी और वो गुस्से में आकर नाराज होकर वह से चला गया घर पहुंचा और पहुंचकर उसने शीशे में देखा की उसका जो कुरता था वो जगह जगह से फटा हुआ था उसे याद आयाकि ओहो कपडे तो पहन के जाने चाहिए हो ते हे उसने उसी कुरते पर बड़ी शानदार सी रेशम के एक जैकेट पहन ली और पाहोंच गया उपर से तो पटा डाल दिया पगड़ी लगा दी वापस वहा पहुंच गया जहा पर शानदार भोजन चल रहथा बड़े बड़े लोग आये हुए खाना खा ने, खाना खा ने लगा तो दुपटा था उससे खीर भिजोने लगा खीर में डुबो डुबो के खाने लगा जो जैकेट था उसे सब्जी में डुबो ने लगा तो फिर से वो आया जो शेठ था धनिरा दादा बनने की ख़ुशी में खाना चल रहाथा और बोले की अरे पागल जैसी हरकत क्या कर रहे हो मेने तुम्हे बोला था की ढंग के कपडे पहन कर आना और तुम यहाँ आकर ये सब हरकते कर रहे हो तो उसे बोला की आपने ही तो बोला थाकी कपड़ो की वजहसे लोग तुम्हे देखेंगे कपड़ो की वजहसे भोजन रखा गया हे तो में अपने कपड़ो को भोजन दे रहा हु। ( best motivational short story in hindi )

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ये छोटी सी कहानी हमे बताती है की हमारी जिंदगी में कुछ ही लोग होते है जो आपकी परवाह करते है जब हम भोजन रख ते है तब कुछ लोग इसलिए आते है की औपचारिकता निभानी है कुछ लोग दिल से आते है , जो आपके साथ दिलसे जुड़े हुए है कभीभी उन्हें ढेस मत पहुंचाना वर्ना आपको मालूम नहीं चलेगा की आपने पत्थर जमा करते करते हिरा खोदिया।

तभीतो हम कहते है की कुछ कर दिखाओ ऐसा दुनिया बन न चाहे आपके जैसा।

-: Best Short Story in hindi

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