ambati rayudu biography in hindi

Sharing is caring!

अंबटि तिरुपति रायुडु एक भारतीय क्रिकेट खिलाड़ी हैं। वो दायें हाथ के मध्यक्रम के बल्लेबाज और दायें हाथ के ऑफ़-ब्रेक गेंदबाज हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान में सभी घरेलू भारतीय प्रथम श्रेणी में बड़ौदा का प्रतिनिधित्व करता है और सूची में एक से मेल खाते हैं, और ट्वेंटी -२० टूर्नामेंट में मुंबई इंडियंस से खेल्ते थे 2018 मे Chennai super king के लिए खेल रहे है

रायुडू २००१-०२ भारतीय क्रिकेट में अपने प्रथम श्रेणी कैरियर की शुरुआत कर रहे हैं, हैदराबाद के लिए खेलने से अपने कैरियर शुरू किया। मजबूत घरेलू फॉर्म भारतीय अंडर 19 टीम के कप्तान के रूप में उसे इन्स्ततेद जो राष्ट्रीय चयनकर्ताओं, उस के ध्यान में लाया, वह अपने प्रारम्भिक दौर में अगले सचिन तेंदुलकर के रूप में कहा जाता है, लेकिन मैदान पर घटनाओं और विवादों की २३ सितंबर १९८५ एक शृंखला के साथ किया गया था घरेलू बोर्डों राष्ट्रीय टीम से उसकी ओस्त्रसिसेशन का नेतृत्व किया |

अंबटि रायुडु का जन्म 23 सितम्बर 1985 को गुंटूर में हुआ। इनके पिता सम्बसिवा राव अभिलेखागार विभाग में काम करते थे। अंबटि रायुडु बताते है की इनके पिता इनके लिए प्रेरणास्थान है। जब वो तीसरी कक्षा में थे तब इनके पिता ने इन्हें कोचिंग शिविर में भेजा था। 1992 में इनके पिता इन्हें हैदराबाद के क्रिकेटर विजय पॉल के क्रिकेट अकादमी में लेके गए थे।

रायुडु ने भवन के रामकृष्ण विद्यालय में पढाई पूरी की। यह विद्यालय सैनिकपूरी में है। इन्होने 14 फरवरी 2009 को चेंनुपल्ली विद्या से शादी की। विद्या इनकी कॉलेज की दोस्त है।

अंबटि रायुडु बचपन से ही बहुत होशियार थे लेकिन शुरुवात में बड़े लोगों से हुए टकराव के कारण इनके करियर की शुरुवात इतनी अच्छी नहीं रही। जब यह 19 साल के निचे की टीम में खेल रहे थे तब इन्होने इंग्लैंड के खिलाफ नाबाद 177 रन बनाए थे। इस प्रदर्शन के बाद सब इन्हें देश का भविष्य मानने लगे थे।

कैरियर

rayudu बचपन से बहुत समझदार और काफी होशियार थे. अगर हम बात करे उनके क्रिकेटिंग करियर की तो rayudu के करियर की शुरुवात कुछ बड़े विवादों केकारण ठीक नहीं रही. यदि हम बात करे उनकी पढ़ाई की तो, उन्होंने भवन के रामकृष्ण विद्यालय से अपनी पढाई पूरी की है.

 rayudu ने अंडर 19 मैच से पहले ही इंग्लैंड के खिलाफ नाबाद 177 रन बनाकर एक ख़िताब अपने नाम कर लिया था. उस मैच के समय rayudu सिर्फ 16 साल के थे. तभी से लोगो इन्हें दूसरा सचिन भी कहने लगे थे. इसी मैच की वजह से ambati rayudu का हेदराबाद की घरेलु टीम में चयन किया गया. जब rayudu मात्र 17 साल की उम्र में थे तब उन्होंनेफर्स्ट क्लास क्रिकेट खेला और इन्होने उन मैचो में 1 दोहरा शतक और एक 1 शतक लगाया.

rayudu ने 21 साल की उम्र में ही रेबेल इंडियन क्रिकेट लीग में हिस्सा ले लिया था. जिससे वो बीसीसीआई की नजर में आ गए थे. उसके बाद 2009 में इस लीग के समापन केबाद बीसीसीआई ने इन्हें एमनेस्टी ऑफर भेजा जो

rayudu ने स्वीकार कर लिया. इसी के साथ ipl के तीसरे संस्करण में इनका नाम मुंबई इंडियन टीम के साथ जुड़ गया. rayudu ने इस मौके को भुनाते हुए ipl में खूब रन बनाये, उसके बाद हरभजन सिंह ने ये तक कह दिया की ये लड़का जल्द ही भारतीय टीम में नजर आएगा.

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

shares